""

Wednesday, 10 May 2017

Amulya Khabar

शास्त्रों के अनुसार इन संकेतो से आप जान सकते है, Death Date in Hindi !



शास्त्रों के अनुसार इन संकेतो से आप जान सकते है, Death Date in Hindi !
 posted on 10.05.2017 By: Deep Singh Yadav
इस दुनियाँ में मृत्यु सृष्टि का एक ऐसा नियम है, जिसे कोई नहीं झुठला सकता । जिसने इस धरती पर जन्म लिया है, उसकी एक न एक दिन मृत्यु  अवश्य होगी।  व्यक्ति के जन्म के साथ ही ईश्वर द्वारा यह भी निश्चित कर दिया जाता है कि किसी व्यक्ति की मृत्यु कब, कहाँ और कैसे होगी। ऐसे में इस कड़वे सच को जानते हुए भी हर व्यक्ति इससे बचने का प्रयास  करता है। जिसके चलते वह हमेशा इस चिंता में रहता है कि कही उसे या उसके परिजनों,रिश्तेदारों को कुछ हो तो नहीं जाएगा।

 इसमें कोई दोराय नहीं कि जैसे जीवन एक सत्य है, ठीक उसी तरह जीवन के बाद मृत्यु का आना भी एक बहुत बड़ा सत्य है. पर वही मृत्यु के बाद क्या होता है, इंसान की आत्मा कहाँ जाती है और क्या उसका दोबारा पुनर्जन्म होता है, ये सब बातें आज भी एक रहस्य की तरह बनी हुई हैं। इसके इलावा भले ही मनुष्य को अब तक ये पता नहीं चला कि उसका अंत कितना पास है, पर हमारे ग्रंथो और पुराणों में कुछ ऐसे संकेतो के बारे में बताया गया है, जिनकी सहायता से हमें ये पता चल सकता है, कि व्यक्ति का अंतिम समय यानि उसकी मृत्यु का समय कब आएगा।

 कि शिव पुराण में कुछ ऐसी बातें कही गयी है. जिससे व्यक्ति के मृत्यु के समय को ज्ञात किया जा सकता है। आज हम शिव पुराण में मृत्यु से सम्बन्धित लिखी इन्ही बातों के बारे में आपको बताने जा रहे हैं...

* चेहरे के रंग में बदलाव...  शिव पुराण के अनुसार यदि किसी व्यक्ति के चेहरे का रंग पीला, सफ़ेद या हल्का लाल पड़ जाए तो यह इस बात का संकेत है कि उस व्यक्ति की मृत्यु छह महीने के अंदर होनी निश्चित है।

* परछाई का न दिखना...  हम जब भी पानी या तेल से भरे किसी बर्तन में झाँकते है तो उसमे हमें अपनी परछाई साफ़ नजर आती है, पर ऐसे में यदि व्यक्ति को तेल या पानी में अपनी परछाई दिखाई देना बंद हो जाए तो यह इस बात का संकेत है, कि उसकी मृत्यु पास है।

* शीशे में चेहरा न दिखाई दे...  इसके इलावा यदि व्यक्ति को धूप या शीशे में भी अपनी परछाई दिखना बंद हो जाए, तो यह भी व्यक्ति की मृत्यु का बड़ा संकेत है

* वस्तु का काला नजर आना...   जिस व्यक्ति की मृत्यु का समय बहुत नजदीक होता है, उसे रंगो की पहचान करने में दिक्क्त आती है. ऐसे में उसे हर वस्तु काले रंग की दिखाई देती है।

* बाएं हाथ का काँपना...  शिव पुराण के अनुसार यदि किसी व्यक्ति का बाया हाथ एक हफ्ते तक लगातार कांपता रहे, तो यह इस बात का संकेत है, कि उस व्यक्ति की मृत्यु एक महीने में होना तय है.


* इन्द्रियों में कड़ापन..  इसके इलावा यदि मनुष्य की पाँचों इन्द्रियों जैसे आँख. नाक, कान, जीभ और हाथ इन सभी में कड़ापन आ जाए, तो यह भी व्यक्ति की मृत्यु को सुनिश्चित करने के संकेत हैं।


* नाक का  दिखाई न  देना...  आम तौर पर हर व्यक्ति अपनी नाक को देख सकता है, फिर चाहे वो उसे धुंधली ही क्यों न दिखाई देती हो, पर यदि व्यक्ति को नाक दिखना बिलकुल बंद  हो जाए तो ऐसा कहा जाता है, कि व्यक्ति की आँखे मृत्यु के समय ऊपर की तरफ मुड़ने लगती हैं।


* रौशनी देखने में असमर्थ होना...  मनुष्य को सूर्य, चन्द्रमा और आग से ही रौशनी दिखाई देती है, पर  जिस व्यक्ति की मृत्यु पास हो उसके लिए इन सब में दिखने वाली रौशनी केवल लाल रंग में परिवर्तित हो जाती है।

* खंडित चाँद...  इसके अनुसार यदि व्यक्ति की मृत्यु कुछ ही क्षणों में होने वाली हो तो उसे चाँद में दरारे या खंडित चाँद नजर आता है।

* मृत परिजनों का एहसास...   यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु नजदीक हो तो उसे अपने मृत परिजनों का एहसास होने लगता है. ऐसे में यह एहसास इतना गहरा होता है, कि उस व्यक्ति को लगता है, कि उसके मृत परिजन उसके करीब ही है और वह उन्हें सुन सकता है।


* अनजान साये के साथ होने का एहसास...  जब किसी व्यक्ति की मृत्यु में मात्र दो तीन दिन का समय रह जाता है, तो उसे यह एहसास होने लगता है कि उसके साथ कोई अनजान साया भी रह रहा है।


* ध्रुव तारे का न दिखना...  इसके अनुसार यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु पास हो तो वो आसमान में सबसे अधिक चमकने वाले तारे यानि ध्रुव तारे को नहीं देख पाता है। यह भी इस बात का संकेत है कि व्यक्ति की मृत्यु छह महीने के अंदर हो जाएगी।

* शीशे में किसी और का चेहरा नजर आना...  आमतौर पर जब हम शीशा देखते है, तो हमें उसमे अपना प्रतिबिम्ब ही नजर आता है। पर यदि व्यक्ति को शीशे में देखने पर किसी और का चेहरा नजर आये तो यह उसकी  मृत्य 24 घंटे में होने का संकेत है।


शास्त्रों के अनुसार इन संकेतो से आप जान सकते है, Death Date in Hindi !
 posted on 10.05.2017 By: Deep Singh Yadav
इस दुनियाँ में मृत्यु सृष्टि का एक ऐसा नियम है, जिसे कोई नहीं झुठला सकता । जिसने इस धरती पर जन्म लिया है, उसकी एक न एक दिन मृत्यु  अवश्य होगी।  व्यक्ति के जन्म के साथ ही ईश्वर द्वारा यह भी निश्चित कर दिया जाता है कि किसी व्यक्ति की मृत्यु कब, कहाँ और कैसे होगी। ऐसे में इस कड़वे सच को जानते हुए भी हर व्यक्ति इससे बचने का प्रयास  करता है। जिसके चलते वह हमेशा इस चिंता में रहता है कि कही उसे या उसके परिजनों,रिश्तेदारों को कुछ हो तो नहीं जाएगा।

 इसमें कोई दोराय नहीं कि जैसे जीवन एक सत्य है, ठीक उसी तरह जीवन के बाद मृत्यु का आना भी एक बहुत बड़ा सत्य है. पर वही मृत्यु के बाद क्या होता है, इंसान की आत्मा कहाँ जाती है और क्या उसका दोबारा पुनर्जन्म होता है, ये सब बातें आज भी एक रहस्य की तरह बनी हुई हैं। इसके इलावा भले ही मनुष्य को अब तक ये पता नहीं चला कि उसका अंत कितना पास है, पर हमारे ग्रंथो और पुराणों में कुछ ऐसे संकेतो के बारे में बताया गया है, जिनकी सहायता से हमें ये पता चल सकता है, कि व्यक्ति का अंतिम समय यानि उसकी मृत्यु का समय कब आएगा।

 कि शिव पुराण में कुछ ऐसी बातें कही गयी है. जिससे व्यक्ति के मृत्यु के समय को ज्ञात किया जा सकता है। आज हम शिव पुराण में मृत्यु से सम्बन्धित लिखी इन्ही बातों के बारे में आपको बताने जा रहे हैं...

* चेहरे के रंग में बदलाव...  शिव पुराण के अनुसार यदि किसी व्यक्ति के चेहरे का रंग पीला, सफ़ेद या हल्का लाल पड़ जाए तो यह इस बात का संकेत है कि उस व्यक्ति की मृत्यु छह महीने के अंदर होनी निश्चित है।

* परछाई का न दिखना...  हम जब भी पानी या तेल से भरे किसी बर्तन में झाँकते है तो उसमे हमें अपनी परछाई साफ़ नजर आती है, पर ऐसे में यदि व्यक्ति को तेल या पानी में अपनी परछाई दिखाई देना बंद हो जाए तो यह इस बात का संकेत है, कि उसकी मृत्यु पास है।

* शीशे में चेहरा न दिखाई दे...  इसके इलावा यदि व्यक्ति को धूप या शीशे में भी अपनी परछाई दिखना बंद हो जाए, तो यह भी व्यक्ति की मृत्यु का बड़ा संकेत है

* वस्तु का काला नजर आना...   जिस व्यक्ति की मृत्यु का समय बहुत नजदीक होता है, उसे रंगो की पहचान करने में दिक्क्त आती है. ऐसे में उसे हर वस्तु काले रंग की दिखाई देती है।

* बाएं हाथ का काँपना...  शिव पुराण के अनुसार यदि किसी व्यक्ति का बाया हाथ एक हफ्ते तक लगातार कांपता रहे, तो यह इस बात का संकेत है, कि उस व्यक्ति की मृत्यु एक महीने में होना तय है.


* इन्द्रियों में कड़ापन..  इसके इलावा यदि मनुष्य की पाँचों इन्द्रियों जैसे आँख. नाक, कान, जीभ और हाथ इन सभी में कड़ापन आ जाए, तो यह भी व्यक्ति की मृत्यु को सुनिश्चित करने के संकेत हैं।


* नाक का  दिखाई न  देना...  आम तौर पर हर व्यक्ति अपनी नाक को देख सकता है, फिर चाहे वो उसे धुंधली ही क्यों न दिखाई देती हो, पर यदि व्यक्ति को नाक दिखना बिलकुल बंद  हो जाए तो ऐसा कहा जाता है, कि व्यक्ति की आँखे मृत्यु के समय ऊपर की तरफ मुड़ने लगती हैं।


* रौशनी देखने में असमर्थ होना...  मनुष्य को सूर्य, चन्द्रमा और आग से ही रौशनी दिखाई देती है, पर  जिस व्यक्ति की मृत्यु पास हो उसके लिए इन सब में दिखने वाली रौशनी केवल लाल रंग में परिवर्तित हो जाती है।

* खंडित चाँद...  इसके अनुसार यदि व्यक्ति की मृत्यु कुछ ही क्षणों में होने वाली हो तो उसे चाँद में दरारे या खंडित चाँद नजर आता है।

* मृत परिजनों का एहसास...   यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु नजदीक हो तो उसे अपने मृत परिजनों का एहसास होने लगता है. ऐसे में यह एहसास इतना गहरा होता है, कि उस व्यक्ति को लगता है, कि उसके मृत परिजन उसके करीब ही है और वह उन्हें सुन सकता है।


* अनजान साये के साथ होने का एहसास...  जब किसी व्यक्ति की मृत्यु में मात्र दो तीन दिन का समय रह जाता है, तो उसे यह एहसास होने लगता है कि उसके साथ कोई अनजान साया भी रह रहा है।


* ध्रुव तारे का न दिखना...  इसके अनुसार यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु पास हो तो वो आसमान में सबसे अधिक चमकने वाले तारे यानि ध्रुव तारे को नहीं देख पाता है। यह भी इस बात का संकेत है कि व्यक्ति की मृत्यु छह महीने के अंदर हो जाएगी।

* शीशे में किसी और का चेहरा नजर आना...  आमतौर पर जब हम शीशा देखते है, तो हमें उसमे अपना प्रतिबिम्ब ही नजर आता है। पर यदि व्यक्ति को शीशे में देखने पर किसी और का चेहरा नजर आये तो यह उसकी  मृत्य 24 घंटे में होने का संकेत है।


शास्त्रों के अनुसार इन संकेतो से आप जान सकते है, Death Date in Hindi !
 posted on 10.05.2017 By: Deep Singh Yadav
इस दुनियाँ में मृत्यु सृष्टि का एक ऐसा नियम है, जिसे कोई नहीं झुठला सकता । जिसने इस धरती पर जन्म लिया है, उसकी एक न एक दिन मृत्यु  अवश्य होगी।  व्यक्ति के जन्म के साथ ही ईश्वर द्वारा यह भी निश्चित कर दिया जाता है कि किसी व्यक्ति की मृत्यु कब, कहाँ और कैसे होगी। ऐसे में इस कड़वे सच को जानते हुए भी हर व्यक्ति इससे बचने का प्रयास  करता है। जिसके चलते वह हमेशा इस चिंता में रहता है कि कही उसे या उसके परिजनों,रिश्तेदारों को कुछ हो तो नहीं जाएगा।

 इसमें कोई दोराय नहीं कि जैसे जीवन एक सत्य है, ठीक उसी तरह जीवन के बाद मृत्यु का आना भी एक बहुत बड़ा सत्य है. पर वही मृत्यु के बाद क्या होता है, इंसान की आत्मा कहाँ जाती है और क्या उसका दोबारा पुनर्जन्म होता है, ये सब बातें आज भी एक रहस्य की तरह बनी हुई हैं। इसके इलावा भले ही मनुष्य को अब तक ये पता नहीं चला कि उसका अंत कितना पास है, पर हमारे ग्रंथो और पुराणों में कुछ ऐसे संकेतो के बारे में बताया गया है, जिनकी सहायता से हमें ये पता चल सकता है, कि व्यक्ति का अंतिम समय यानि उसकी मृत्यु का समय कब आएगा।

 कि शिव पुराण में कुछ ऐसी बातें कही गयी है. जिससे व्यक्ति के मृत्यु के समय को ज्ञात किया जा सकता है। आज हम शिव पुराण में मृत्यु से सम्बन्धित लिखी इन्ही बातों के बारे में आपको बताने जा रहे हैं...

* चेहरे के रंग में बदलाव...  शिव पुराण के अनुसार यदि किसी व्यक्ति के चेहरे का रंग पीला, सफ़ेद या हल्का लाल पड़ जाए तो यह इस बात का संकेत है कि उस व्यक्ति की मृत्यु छह महीने के अंदर होनी निश्चित है।

* परछाई का न दिखना...  हम जब भी पानी या तेल से भरे किसी बर्तन में झाँकते है तो उसमे हमें अपनी परछाई साफ़ नजर आती है, पर ऐसे में यदि व्यक्ति को तेल या पानी में अपनी परछाई दिखाई देना बंद हो जाए तो यह इस बात का संकेत है, कि उसकी मृत्यु पास है।

* शीशे में चेहरा न दिखाई दे...  इसके इलावा यदि व्यक्ति को धूप या शीशे में भी अपनी परछाई दिखना बंद हो जाए, तो यह भी व्यक्ति की मृत्यु का बड़ा संकेत है

* वस्तु का काला नजर आना...   जिस व्यक्ति की मृत्यु का समय बहुत नजदीक होता है, उसे रंगो की पहचान करने में दिक्क्त आती है. ऐसे में उसे हर वस्तु काले रंग की दिखाई देती है।

* बाएं हाथ का काँपना...  शिव पुराण के अनुसार यदि किसी व्यक्ति का बाया हाथ एक हफ्ते तक लगातार कांपता रहे, तो यह इस बात का संकेत है, कि उस व्यक्ति की मृत्यु एक महीने में होना तय है.


* इन्द्रियों में कड़ापन..  इसके इलावा यदि मनुष्य की पाँचों इन्द्रियों जैसे आँख. नाक, कान, जीभ और हाथ इन सभी में कड़ापन आ जाए, तो यह भी व्यक्ति की मृत्यु को सुनिश्चित करने के संकेत हैं।


* नाक का  दिखाई न  देना...  आम तौर पर हर व्यक्ति अपनी नाक को देख सकता है, फिर चाहे वो उसे धुंधली ही क्यों न दिखाई देती हो, पर यदि व्यक्ति को नाक दिखना बिलकुल बंद  हो जाए तो ऐसा कहा जाता है, कि व्यक्ति की आँखे मृत्यु के समय ऊपर की तरफ मुड़ने लगती हैं।


* रौशनी देखने में असमर्थ होना...  मनुष्य को सूर्य, चन्द्रमा और आग से ही रौशनी दिखाई देती है, पर  जिस व्यक्ति की मृत्यु पास हो उसके लिए इन सब में दिखने वाली रौशनी केवल लाल रंग में परिवर्तित हो जाती है।

* खंडित चाँद...  इसके अनुसार यदि व्यक्ति की मृत्यु कुछ ही क्षणों में होने वाली हो तो उसे चाँद में दरारे या खंडित चाँद नजर आता है।

* मृत परिजनों का एहसास...   यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु नजदीक हो तो उसे अपने मृत परिजनों का एहसास होने लगता है. ऐसे में यह एहसास इतना गहरा होता है, कि उस व्यक्ति को लगता है, कि उसके मृत परिजन उसके करीब ही है और वह उन्हें सुन सकता है।


* अनजान साये के साथ होने का एहसास...  जब किसी व्यक्ति की मृत्यु में मात्र दो तीन दिन का समय रह जाता है, तो उसे यह एहसास होने लगता है कि उसके साथ कोई अनजान साया भी रह रहा है।


* ध्रुव तारे का न दिखना...  इसके अनुसार यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु पास हो तो वो आसमान में सबसे अधिक चमकने वाले तारे यानि ध्रुव तारे को नहीं देख पाता है। यह भी इस बात का संकेत है कि व्यक्ति की मृत्यु छह महीने के अंदर हो जाएगी।

* शीशे में किसी और का चेहरा नजर आना...  आमतौर पर जब हम शीशा देखते है, तो हमें उसमे अपना प्रतिबिम्ब ही नजर आता है। पर यदि व्यक्ति को शीशे में देखने पर किसी और का चेहरा नजर आये तो यह उसकी  मृत्य 24 घंटे में होने का संकेत है।

Amulya Khabar

About Amulya Khabar -

Author Description here..

Subscribe to this Blog via Email :

1 comments:

Write comments
SAJID ALI
AUTHOR
21 May 2017 at 10:39 delete

http://apkdon.pw/category/seo-tools/

Reply
avatar