Tuesday, 18 April 2017

Amulya Khabar

Benefits of Cow Ghee in Hindi...गाय के घी के लाभ / नुस्खे...






Benefits of Cow Ghee in Hindi...गाय के घी के लाभ / नुस्खे...
Posted on 19.04.2017 By: Deep Singh Yadav 

 गाय के घी को अमृत कहा गया है  । ऐसा माना जाता है कि काली गाय का घी खाने से बूढ़ा व्यक्ति भी जवान जैसा लगने लगता है।गाय के घी में ऐसे औषधीय गुण होते हैं जो  किसी और चीज़ में नहीं मिलते। यहाँ तक की इसमें ऐसे माइक्रोन्यूट्रींस होते हैं जिनमें कैंसर  से लड़ने की क्षमता होती है। आप धार्मिक नजरिये  से देखें तो घी से हवन करने पर लगभग 1 टन ताजे ऑक्सीजन का उत्पादन होता है। यही कारण है कि मंदिरों में गाय के घी का दीपक जलाने तथा धार्मिक समारोहों में यज्ञ करने कि प्रथा प्रचलित है।

 आइए अब आपको बताते हैं कि गाय के घी का क्या क्या उपयोग है...


* गाय का घी नाक में डालने से पागलपन  एंव एलर्जी खत्म हो जाती है। गाय का घी नाक में डालने से लकवा के रोग का भी उपचार होता है। घी व मिश्री मिलाकर खिलाने से शराब, भाँग व गाँजें का नशा कम हो जाता है।
ऐसी मान्यता है कि  गाय का घी नाक में डालने से कान का पर्दा बिना ओपरेशन के ही ठीक हो जाता है। नाक में घी डालने से नाक की खुश्की दूर होती है और दिमाग तरोताजा हो जाता है। यहाँ तक की गाय का घी नाक में डालने से कोमा से बाहर निकल कर चेतना वापस लोट आती है।


* गाय का घी नाक में डालने से बालों का झड़ना समाप्त होकर नए बाल उगने लगते हैं। गाय के घी को नाक में डालने से मानसिक शाँती मिलती है एंव याददाश्त तेज होती है।


* हाथ पाँव मे जलन होने पर गाय के घी को तलवों में मालिश करने से जलन ठीक हो जाती है। हिचकी के न रुकने पर  गाय का आधा चम्मच घी खाए, हिचकी  रुक जाएगी। गाय के घी का नियमित सेवन करने से एसिडिटी व कब्ज की शिकायत दूर हो जाती है।


* गाय के घी से बल बढ़ता है और शारीरिक व मानसिक ताकत में भी बढ़ोतरी होती है। गाय के पुराने घी से बच्चों की छाती और पीठ पर मालिश करने से कफ की शिकायत दूर हो जाती है। अगर अधिक कमजोरी लगे, तो एक गिलास दूध में एक चम्मच गाय का घी और मिश्री डालकर पी लें।


यह भी पढ़ें...Benefits of Banana in hindi >>> केला खाने के लाभ



* गाय का घी न सिर्फ कैंसर को पैदा होने से रोकता है बल्कि इस बीमारी को फैलने से भी आश्चर्यजनक ढंग से रोकता है। देसी गाय के घी में कैंसर से लड़ने की अचूक क्षमता होती है। इसके सेवन से स्तन तथा आँत के खतरनाक कैंसर से भी बचा जा सकता है।


* जिस व्यक्ति को हार्ट अटैक की तकलीफ है और तैलीय चीजें खाने की मनाही है तो गाय का घी खायें, ह्रदय मज़बूत होता है।


* घी, छिलका सहित पिसा हुआ काला चना और पिसी शक्कर (बूरा) तीनों को समान मात्रा में मिलाकर लड्डू बना लें और सुबह खाली पेट एक लड्डू खूब चबा-चबाकर खाते हुए एक गिलास मीठा गुनगुना दूध घूँट-घूँट करके पीने से स्त्रियों के प्रदर रोग में आराम होता है, पुरुषों का शरीर मोटा ताजा यानी सुडौल और बलवान बनता है।


* फफोलो पर गाय का देसी घी लगाने से आराम मिलता है। सांप के काटने पर ५० -१०० ग्राम घी पिलायें उपर से जितना गुनगुना पानी पिला सके पिलायें जिससे उलटी और दस्त तो लगेंगे ही लेकिन सांप का विष कम हो जायेगा।


* दो बूंद देसी गाय का घी नाक में सुबह शाम डालने से माइग्रेन दर्द ठीक हो जाता है। सिर दर्द होने पर शरीर में गर्मी लगती हो, तो गाय के घी की पैरों के तलवे पर मालिश करे, सर दर्द ठीक हो जायेगा।


* गाय के घी के सेवन से कॉलेस्ट्रॉल नहीं बढ़ता है। वजन भी नही बढ़ता, बल्कि वजन को संतुलित करता है । यानी के कमजोर व्यक्ति का वजन बढ़ता है, मोटे व्यक्ति का मोटापा (वजन) कम होता है।


* एक चम्मच गाय का शुद्ध घी में एक चम्मच बूरा और 1/4 चम्मच पिसी काली मिर्च इन तीनों को मिलाकर सुबह खाली पेट और रात को सोते समय खाकर ऊपर से गर्म मीठा दूध पीने से आँखों की रोशनी बढ़ती है।


* गाय के घी को ठण्डे जल में फेंट ले और फिर घी को पानी से अलग कर ले यह प्रक्रिया लगभग सौ बार करे और इसमें थोड़ा सा कपूर डालकर मिला दें। इस विधि द्वारा प्राप्त घी एक असर कारक औषधि में परिवर्तित हो जाता है जिससे  त्वचा सम्बन्धी हर चर्म रोगों में चमत्कारिक मल्हम कि तरह से इस्तेमाल कर सकते है। यह सौराइशिस के लिए भी कारगर है।


* गाय का घी एक अच्छा  कोलेस्ट्रॉल है। उच्च कोलेस्ट्रॉल के रोगियों को गाय का घी ही खाना चाहिए। यह एक बहुत अच्छा टॉनिक भी है।

 यह भी पढ़ें...Home Remedies for Weight Loss in hindi >>> वज़न घटाने के घरेलू नुस्‍खे

 * रात को सोते समय एक गिलास मीठे दूध में एक चम्मच घी डालकर पीने से शरीर की खुश्की और दुर्बलता दूर होती है, नींद गहरी आती है, हड्डी बलवान होती है और सुबह शौच साफ आता है।

* यदि स्वस्थ व्यक्ति भी हर रोज नियमित रूप से सोने से पहले दोनों नासिकाओं में हल्का गर्म (गुनगुना) देसी गाय का घी डालकर सोने की आदत बनाले तो इससे नींद गहरी आएगी, खर्राटे बंद होंगे, याददाश्त तेज होगी और कई बीमारियों से शरीर का बचाव होगा । इसके लिए बिस्तर पर लेट कर दो दो बूँद घी दोनों नासिकाओं में डाल कर पाँच मिनट तक सीधे लेटे रहें।






Benefits of Cow Ghee in Hindi...गाय के घी के लाभ / नुस्खे...
Posted on 19.04.2017 By: Deep Singh Yadav 

 गाय के घी को अमृत कहा गया है  । ऐसा माना जाता है कि काली गाय का घी खाने से बूढ़ा व्यक्ति भी जवान जैसा लगने लगता है।गाय के घी में ऐसे औषधीय गुण होते हैं जो  किसी और चीज़ में नहीं मिलते। यहाँ तक की इसमें ऐसे माइक्रोन्यूट्रींस होते हैं जिनमें कैंसर  से लड़ने की क्षमता होती है। आप धार्मिक नजरिये  से देखें तो घी से हवन करने पर लगभग 1 टन ताजे ऑक्सीजन का उत्पादन होता है। यही कारण है कि मंदिरों में गाय के घी का दीपक जलाने तथा धार्मिक समारोहों में यज्ञ करने कि प्रथा प्रचलित है।

 आइए अब आपको बताते हैं कि गाय के घी का क्या क्या उपयोग है...


* गाय का घी नाक में डालने से पागलपन  एंव एलर्जी खत्म हो जाती है। गाय का घी नाक में डालने से लकवा के रोग का भी उपचार होता है। घी व मिश्री मिलाकर खिलाने से शराब, भाँग व गाँजें का नशा कम हो जाता है।
ऐसी मान्यता है कि  गाय का घी नाक में डालने से कान का पर्दा बिना ओपरेशन के ही ठीक हो जाता है। नाक में घी डालने से नाक की खुश्की दूर होती है और दिमाग तरोताजा हो जाता है। यहाँ तक की गाय का घी नाक में डालने से कोमा से बाहर निकल कर चेतना वापस लोट आती है।


* गाय का घी नाक में डालने से बालों का झड़ना समाप्त होकर नए बाल उगने लगते हैं। गाय के घी को नाक में डालने से मानसिक शाँती मिलती है एंव याददाश्त तेज होती है।


* हाथ पाँव मे जलन होने पर गाय के घी को तलवों में मालिश करने से जलन ठीक हो जाती है। हिचकी के न रुकने पर  गाय का आधा चम्मच घी खाए, हिचकी  रुक जाएगी। गाय के घी का नियमित सेवन करने से एसिडिटी व कब्ज की शिकायत दूर हो जाती है।


* गाय के घी से बल बढ़ता है और शारीरिक व मानसिक ताकत में भी बढ़ोतरी होती है। गाय के पुराने घी से बच्चों की छाती और पीठ पर मालिश करने से कफ की शिकायत दूर हो जाती है। अगर अधिक कमजोरी लगे, तो एक गिलास दूध में एक चम्मच गाय का घी और मिश्री डालकर पी लें।


यह भी पढ़ें...Benefits of Banana in hindi >>> केला खाने के लाभ



* गाय का घी न सिर्फ कैंसर को पैदा होने से रोकता है बल्कि इस बीमारी को फैलने से भी आश्चर्यजनक ढंग से रोकता है। देसी गाय के घी में कैंसर से लड़ने की अचूक क्षमता होती है। इसके सेवन से स्तन तथा आँत के खतरनाक कैंसर से भी बचा जा सकता है।


* जिस व्यक्ति को हार्ट अटैक की तकलीफ है और तैलीय चीजें खाने की मनाही है तो गाय का घी खायें, ह्रदय मज़बूत होता है।


* घी, छिलका सहित पिसा हुआ काला चना और पिसी शक्कर (बूरा) तीनों को समान मात्रा में मिलाकर लड्डू बना लें और सुबह खाली पेट एक लड्डू खूब चबा-चबाकर खाते हुए एक गिलास मीठा गुनगुना दूध घूँट-घूँट करके पीने से स्त्रियों के प्रदर रोग में आराम होता है, पुरुषों का शरीर मोटा ताजा यानी सुडौल और बलवान बनता है।


* फफोलो पर गाय का देसी घी लगाने से आराम मिलता है। सांप के काटने पर ५० -१०० ग्राम घी पिलायें उपर से जितना गुनगुना पानी पिला सके पिलायें जिससे उलटी और दस्त तो लगेंगे ही लेकिन सांप का विष कम हो जायेगा।


* दो बूंद देसी गाय का घी नाक में सुबह शाम डालने से माइग्रेन दर्द ठीक हो जाता है। सिर दर्द होने पर शरीर में गर्मी लगती हो, तो गाय के घी की पैरों के तलवे पर मालिश करे, सर दर्द ठीक हो जायेगा।


* गाय के घी के सेवन से कॉलेस्ट्रॉल नहीं बढ़ता है। वजन भी नही बढ़ता, बल्कि वजन को संतुलित करता है । यानी के कमजोर व्यक्ति का वजन बढ़ता है, मोटे व्यक्ति का मोटापा (वजन) कम होता है।


* एक चम्मच गाय का शुद्ध घी में एक चम्मच बूरा और 1/4 चम्मच पिसी काली मिर्च इन तीनों को मिलाकर सुबह खाली पेट और रात को सोते समय खाकर ऊपर से गर्म मीठा दूध पीने से आँखों की रोशनी बढ़ती है।


* गाय के घी को ठण्डे जल में फेंट ले और फिर घी को पानी से अलग कर ले यह प्रक्रिया लगभग सौ बार करे और इसमें थोड़ा सा कपूर डालकर मिला दें। इस विधि द्वारा प्राप्त घी एक असर कारक औषधि में परिवर्तित हो जाता है जिससे  त्वचा सम्बन्धी हर चर्म रोगों में चमत्कारिक मल्हम कि तरह से इस्तेमाल कर सकते है। यह सौराइशिस के लिए भी कारगर है।


* गाय का घी एक अच्छा  कोलेस्ट्रॉल है। उच्च कोलेस्ट्रॉल के रोगियों को गाय का घी ही खाना चाहिए। यह एक बहुत अच्छा टॉनिक भी है।

 यह भी पढ़ें...Home Remedies for Weight Loss in hindi >>> वज़न घटाने के घरेलू नुस्‍खे

 * रात को सोते समय एक गिलास मीठे दूध में एक चम्मच घी डालकर पीने से शरीर की खुश्की और दुर्बलता दूर होती है, नींद गहरी आती है, हड्डी बलवान होती है और सुबह शौच साफ आता है।

* यदि स्वस्थ व्यक्ति भी हर रोज नियमित रूप से सोने से पहले दोनों नासिकाओं में हल्का गर्म (गुनगुना) देसी गाय का घी डालकर सोने की आदत बनाले तो इससे नींद गहरी आएगी, खर्राटे बंद होंगे, याददाश्त तेज होगी और कई बीमारियों से शरीर का बचाव होगा । इसके लिए बिस्तर पर लेट कर दो दो बूँद घी दोनों नासिकाओं में डाल कर पाँच मिनट तक सीधे लेटे रहें।






Benefits of Cow Ghee in Hindi...गाय के घी के लाभ / नुस्खे...
Posted on 19.04.2017 By: Deep Singh Yadav 

 गाय के घी को अमृत कहा गया है  । ऐसा माना जाता है कि काली गाय का घी खाने से बूढ़ा व्यक्ति भी जवान जैसा लगने लगता है।गाय के घी में ऐसे औषधीय गुण होते हैं जो  किसी और चीज़ में नहीं मिलते। यहाँ तक की इसमें ऐसे माइक्रोन्यूट्रींस होते हैं जिनमें कैंसर  से लड़ने की क्षमता होती है। आप धार्मिक नजरिये  से देखें तो घी से हवन करने पर लगभग 1 टन ताजे ऑक्सीजन का उत्पादन होता है। यही कारण है कि मंदिरों में गाय के घी का दीपक जलाने तथा धार्मिक समारोहों में यज्ञ करने कि प्रथा प्रचलित है।

 आइए अब आपको बताते हैं कि गाय के घी का क्या क्या उपयोग है...


* गाय का घी नाक में डालने से पागलपन  एंव एलर्जी खत्म हो जाती है। गाय का घी नाक में डालने से लकवा के रोग का भी उपचार होता है। घी व मिश्री मिलाकर खिलाने से शराब, भाँग व गाँजें का नशा कम हो जाता है।
ऐसी मान्यता है कि  गाय का घी नाक में डालने से कान का पर्दा बिना ओपरेशन के ही ठीक हो जाता है। नाक में घी डालने से नाक की खुश्की दूर होती है और दिमाग तरोताजा हो जाता है। यहाँ तक की गाय का घी नाक में डालने से कोमा से बाहर निकल कर चेतना वापस लोट आती है।


* गाय का घी नाक में डालने से बालों का झड़ना समाप्त होकर नए बाल उगने लगते हैं। गाय के घी को नाक में डालने से मानसिक शाँती मिलती है एंव याददाश्त तेज होती है।


* हाथ पाँव मे जलन होने पर गाय के घी को तलवों में मालिश करने से जलन ठीक हो जाती है। हिचकी के न रुकने पर  गाय का आधा चम्मच घी खाए, हिचकी  रुक जाएगी। गाय के घी का नियमित सेवन करने से एसिडिटी व कब्ज की शिकायत दूर हो जाती है।


* गाय के घी से बल बढ़ता है और शारीरिक व मानसिक ताकत में भी बढ़ोतरी होती है। गाय के पुराने घी से बच्चों की छाती और पीठ पर मालिश करने से कफ की शिकायत दूर हो जाती है। अगर अधिक कमजोरी लगे, तो एक गिलास दूध में एक चम्मच गाय का घी और मिश्री डालकर पी लें।


यह भी पढ़ें...Benefits of Banana in hindi >>> केला खाने के लाभ



* गाय का घी न सिर्फ कैंसर को पैदा होने से रोकता है बल्कि इस बीमारी को फैलने से भी आश्चर्यजनक ढंग से रोकता है। देसी गाय के घी में कैंसर से लड़ने की अचूक क्षमता होती है। इसके सेवन से स्तन तथा आँत के खतरनाक कैंसर से भी बचा जा सकता है।


* जिस व्यक्ति को हार्ट अटैक की तकलीफ है और तैलीय चीजें खाने की मनाही है तो गाय का घी खायें, ह्रदय मज़बूत होता है।


* घी, छिलका सहित पिसा हुआ काला चना और पिसी शक्कर (बूरा) तीनों को समान मात्रा में मिलाकर लड्डू बना लें और सुबह खाली पेट एक लड्डू खूब चबा-चबाकर खाते हुए एक गिलास मीठा गुनगुना दूध घूँट-घूँट करके पीने से स्त्रियों के प्रदर रोग में आराम होता है, पुरुषों का शरीर मोटा ताजा यानी सुडौल और बलवान बनता है।


* फफोलो पर गाय का देसी घी लगाने से आराम मिलता है। सांप के काटने पर ५० -१०० ग्राम घी पिलायें उपर से जितना गुनगुना पानी पिला सके पिलायें जिससे उलटी और दस्त तो लगेंगे ही लेकिन सांप का विष कम हो जायेगा।


* दो बूंद देसी गाय का घी नाक में सुबह शाम डालने से माइग्रेन दर्द ठीक हो जाता है। सिर दर्द होने पर शरीर में गर्मी लगती हो, तो गाय के घी की पैरों के तलवे पर मालिश करे, सर दर्द ठीक हो जायेगा।


* गाय के घी के सेवन से कॉलेस्ट्रॉल नहीं बढ़ता है। वजन भी नही बढ़ता, बल्कि वजन को संतुलित करता है । यानी के कमजोर व्यक्ति का वजन बढ़ता है, मोटे व्यक्ति का मोटापा (वजन) कम होता है।


* एक चम्मच गाय का शुद्ध घी में एक चम्मच बूरा और 1/4 चम्मच पिसी काली मिर्च इन तीनों को मिलाकर सुबह खाली पेट और रात को सोते समय खाकर ऊपर से गर्म मीठा दूध पीने से आँखों की रोशनी बढ़ती है।


* गाय के घी को ठण्डे जल में फेंट ले और फिर घी को पानी से अलग कर ले यह प्रक्रिया लगभग सौ बार करे और इसमें थोड़ा सा कपूर डालकर मिला दें। इस विधि द्वारा प्राप्त घी एक असर कारक औषधि में परिवर्तित हो जाता है जिससे  त्वचा सम्बन्धी हर चर्म रोगों में चमत्कारिक मल्हम कि तरह से इस्तेमाल कर सकते है। यह सौराइशिस के लिए भी कारगर है।


* गाय का घी एक अच्छा  कोलेस्ट्रॉल है। उच्च कोलेस्ट्रॉल के रोगियों को गाय का घी ही खाना चाहिए। यह एक बहुत अच्छा टॉनिक भी है।

 यह भी पढ़ें...Home Remedies for Weight Loss in hindi >>> वज़न घटाने के घरेलू नुस्‍खे

 * रात को सोते समय एक गिलास मीठे दूध में एक चम्मच घी डालकर पीने से शरीर की खुश्की और दुर्बलता दूर होती है, नींद गहरी आती है, हड्डी बलवान होती है और सुबह शौच साफ आता है।

* यदि स्वस्थ व्यक्ति भी हर रोज नियमित रूप से सोने से पहले दोनों नासिकाओं में हल्का गर्म (गुनगुना) देसी गाय का घी डालकर सोने की आदत बनाले तो इससे नींद गहरी आएगी, खर्राटे बंद होंगे, याददाश्त तेज होगी और कई बीमारियों से शरीर का बचाव होगा । इसके लिए बिस्तर पर लेट कर दो दो बूँद घी दोनों नासिकाओं में डाल कर पाँच मिनट तक सीधे लेटे रहें।

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